भारत रिव्यू: सलमान खान की धांसू एंट्री और इमोशन का तड़का देता है मस्ती का फुल डोज, पूरी पैसा वसूल है फिल्म | Bollywood Life हिंदी

सलमान खान की मचअवेटेड फिल्म भारतआखिरकार सिनेमाघर पहुंच ही गई है। ये इस साल की अब तक की सबसे बड़ी फिल्म है। फिल्म की ओपनिंग भी कुछ ऐसी ही है। इस फिल्म को देखने के लिए सिनेमाघर की ओर दौड़ने से पहले देख लीजिए क्या है फिल्म की खास बात और कहां खा गई ये मात…

क्या है कहानी
फिल्म की कहानी ‘भारत’ नाम के एक ऐसे बच्चे (सलमान खान) की है जो भारत-पाकिस्तान के विभाजन के वक्त अपने पापा से दूर हो जाता है। इस दौरान वो अपने पापा (जैकी श्रॉफ) से एक वादा करता है और पूरी जिंदगी इस वादे को पूरा करने के लिए जीता है। क्या है वो वादा… ये आप फिल्म में देखिएगा। लेकिन फिल्म में दिखाया गया विभाजन का सीन काफी मार्मिक है। ये आपके दिल को छू लेता है, झकझोर देता है और रुआंसा कर देता है। तगड़ा है सलमान खान-कटरीना कैफ की फिल्मों का रिकॉर्ड, अब तक बॉक्स ऑफिस से कमाए इतने करोड़ रुपये

अपने पिता से अलग होने के बाद कैसे भारत की जिंदगी बदलती है और बिना परिवार के उसकी जिंदगी कैसे नया आकार लेती है। ये इस पर आधारित है। इस दौरान सिर्फ उसका एक दोस्त विलायती (सुनील ग्रोवर) ही साथ होता है।
फिल्म में सलमान खान की जवानी का सीन सर्कस की रिंग में दिखाया जाता है। जहां उसे अपने साथ काम करने वाली लड़की राधा (दिशा पाटनी) से प्यार हो जाता है। लेकिन जल्दी ही ये साथ छूट भी जाता है। इसके बाद कैसे भारत की जिंदगी में मैडम सर यानी कुमुद (कटरीना कैफ) की एंट्री होती है। प्यार की गाड़ी आगे बढ़ती है लेकिन शादी तक नहीं पहुंच पाती।

जवानी के बाद जैसे-जैसे भारत की उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे उसकी अपने परिवार की खोज की तड़प भी बढ़ती है। इस दौरान विभाजन के बीच भारत किस तरह से देश में बदलते हालात प्यार और नफरत का दौर झेलता है इसे भी बेहद भावनात्मक रुप से दिखाया गया है। लेकिन साथ ही फिल्म में बीच-बीच में निर्माता-निर्देशक के एंटरटेनमेंट का भी पूरा बंदोबस्त कर रखा है। जिससे दर्शक कनेक्ट लूज नहीं कर पाते। ‘भारत’ की रिलीज के साथ ही टूटने वाले हैं सलमान खान की फिल्मों के ये 5 बड़े रिकॉर्ड, देखिए लिस्ट

भारत की कहानी उसकी उम्र के 70 साल के पड़ाव तक पहुंचती है। ये कहानी विभाजन के बाद गल्फ कंट्री से होती हुई वाघा बॉर्डर तक पहुंचती है। क्या भारत को अपना परिवार , पिता और बहन मिलेंगे… या दर्शकों के लिए कोई चौंकाने वाला राज है। ये आप फिल्म देखकर ही जानें।

क्या है शानदार
फिल्म में इमोशन्स के सभी पुट है। ये हंसाती भी है और जमकर रुलाती भी है। ये आपको गुस्सा दिलाती है तो कभी आपकी सांत्वना पाती है। सलमान खान का कैरेक्टर लार्जर दैन लाइफ है। 70 साल की उम्र में भी सलमान खान का हीरोइज्म देखना जबरदस्त है। अली अब्बास जफर ने इसका बेहद बारीकि से ध्यान रखा है। इसीलिए सलमान खान बुढ़ापे का किरदार बिना बूढ़े हुए भी बेहद जानदार तरीके से निभा जाते है। ‘भारत’ प्रमोशन के बीच सलमान खान ने आखिरकार तोड़ी विवेक ओबरॉय के मीम पर जुबान, कहा- मैं इस…

कहां है गड़बड़
फिल्म थोड़ी लंबी है। फिल्म का क्लाइमेक्स भी आपको अखरता है। लगता है थोड़ी और बेहतर एडिटिंग की जा सकती थी। अली के सामने सलमान खान के हीरोइज्म के साथ-साथ फिल्म के पेस को बनाए रखने की थी। फिल्म का इमोशनल पुट बेहद ध्यान से बुनना था। जिसमें काफी हद तक वो कामयाब हुए है। लेकिन ‘चाशनी’ और ‘स्लो मोशन’ के अलावा फिल्म संगीत के मामले में पीछे रह जाती है। राष्ट्र गान का फिल्म में इस्तेमाल भी ऐसा लगता है जैसे जबरदस्ती डाला हुआ हो। फिल्म बीच-बीच में ट्रैक से हटती हुई भी लगती है और इसीलिए कहीं-कहीं ऑडियन्स का ध्यान भंग करती है।

बीएल का सुझाव
कुछेक कमियों के बावजूद फिल्म भारत देखी जा सकती है। सलमान खान के खालिस फैंस को तो ये जरुर भाएगी। आपको भी पैसा वसूल लगेगी।

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